Yatindra Manju Pandey

 

 

1-मेरी पुस्तक लिखने की यात्रा तो पिछले साल यानी २०१८ में ही शुरू हुई,पर जब मैं सात साल का था तो अपनी माँ की एक कविता पढ़ी जो उन्होंने अपनी किसी डायरी में लिखी थी। उसे देखकर मैं काफ़ी प्रभावित था और फिर मुझे लगा की मैं भी लिख सकता हूँ। बस वही से लिखने की यात्रा शुरू हुई। मैं कही भी,कभी भी,बस लिखता रहता था और अपने दोस्तों और घर वालों को पढ़ाता था फिर धीरे-धीरे मैंने उसे एक पुस्तक का रूप दिया और वही बनी मेरी पहली सम्पादित पुस्तक “कहीं मैं निर्वस्त्र तो नहीं”

2-कहीं मैं निर्वस्त्र तो नहीं”मेरी पहली कविता संग्रह है जिसमें ६० कवितायें है, जो अलग-अलग अहसास और संवेदनाओ से भरे हुए है। ये अहसास किसी के भी हो सकते वो एक महिला के भी और एक पुरुष के भी। ज़िंदगी में मिलने वाले वो ढेरों अहसास जैसे प्यार,द्वेष,नफ़रत,जलन, धोखा,आदि वो सब इस पुस्तक में आपको मिलेंगे। इस पुस्तक को इसीलिए मैं अहसासों का कमरा कहता हूँ। कहीं मैं निर्वस्त्र तो नहीं एक शीर्षक कविता है और इस पुस्तक में कुछ और भी कवितायें है जो महिलाओं और उनके अहसासों को बयाँ करती है।

3-मुझे लगता है हर वो इंसान जो कुछ नया बुनता है अपनी कल्पना, अपनी सोच से,वो रचनाकार है। वो कोई भी हो सकता है सिर्फ़ एक लेखक ही नहीं।ये वो है जो सबसे पहले ख़ुद ही एक साँचा बनाता है फिर उसमें भरता है रंग अपनी कल्पना के और वो बनती है एक “कृत” | लेखक भी अपनी कल्पनाओं को गुथ कर शब्दों से बहुत कुछ कहता है तो वो भी तो रचनाकार ही हुआ ना।

4-बहुत से लोग

मैं बहुत से लोगों से रोज़ मिलता हूँ अपने पेशे की वजह से वो आम लोग,उनके छोटे छोटे अहसास मुझे लिखने के लिए प्रेरित करते है।

पहले क्या होता था वक़्त,हालत मुझे नज़रिया तो देते थे पर मुझे लेखनी को संतुलित करना नहीं आता था मेरे अध्यापको ने इस पर काम किया मेरी बुनियाद वही से बनी,फिर तमाम अच्छे लेखकों को पढ़ते-पढ़ते आज यहाँ तक का सफ़र हुआ।अब चीज़ें उतनी कठिन नहीं बहुत से बेहतरीन और वरिष्ठ लेखक अब आपको facebookऔर अन्य social प्लेटफ़ोर्म पर मिलते है उनसे बहुत कुछ हम सीख सकते है।कई बेहतरीन पुस्तकें भी आ रही है बस हम सभी को पढते रहना है। तो इन सभी को जब मैं संग्रहित करके देखता हूँ तो पाता हूँ की ये सब ही मेरी प्रेरणा बनते है।

5-मैं काशी का निवासी हूँ मेरी प्रारम्भिक और उच्चतम शिक्षा सब बनारस में हुई है। हिंदी मैंने एक विषय के तौर पर सिर्फ़ बारहवी तक ही पढ़ी है पर पुस्तक पढ़ना मेरी आदत में है अपने काम से फ़ुर्सत मिलने पर मैं पढ़ता ही हूँ

अभी मैं एक बैंक में चेन्नई कार्यरत हूँ।

6-बहुत ही ख़ूबसूरत होता है

मैंने बचपन में ही एक ख़्वाब बुन लिया था और हमेशा उसी ख़्वाब के इर्द गिर्द घुमा करता था जब पहली बार पता चला की पुस्तक छप रही है तो बेहद ख़ुशी हुई उसको बता पाना मुश्किल है ।

बस लगा मैं इतना ख़ुश हूँ तो माँ पापा कितने ख़ुश होंगे और जब पहली प्रति उन्हें मिली तो सब परिवार वाले बेहद भावुक हो गए

मेरे लिए बस इतना ही काफ़ी था।

7-मुझे बचपन से आध्यात्मिक पुस्तकें और प्रबंधन पुस्तकें पढ़ने का काफ़ी शौक़ था मैंने गीता और उसपर लिखी कई टिकाए पढ़ी है मुझे लगता है हर प्रबंधन के छात्र को गीता ज़रूर पढ़नी चाहिए।

इसके अलावा मैंने लगभग सभी धर्म ग्रंथो को पढ़ा है पर इसका ज्ञान बेहद विशाल और रहस्यमयी भी है सिर्फ़ एक पुस्तक से ही समझ पाना कठिन है।

इनके अलावा कुछ पुस्तकों में जैसे शिवाजी सावंत की मृत्युंजय और पाउल ब्रानटन की गुप्त भारत की खोज मेरी सर्वाधिक पसंदीदा पुस्तकें और लेखक भी है।

8-अभी तक तो किसी ने कुछ बुरा नहीं कहाँ सभी ने बेहद सुंदर और उत्साह जनक प्रतिक्रिया दी

कई बेहद बड़े लेखकों ने मुझे काल करके भी मुझे बहुत प्रोत्साहित किया

कई समिक्षाएँ भी प्रकाशित हुई

ढेरों लोगों ने पुस्तक के साथ सेल्फ़ी भेजी ये सब बेहद ख़ूबसूरत अहसास है।

कुछ ऐसे लोगों की प्रतिक्रिया मिली जिनको मैं नहीं जानता था। एक पाठक थी उन्होंने कहाँ…की पुस्तक के हर पन्ने पर मैं ख़ुद की ज़िंदगी महसूस करती हूँ।

आप कुछ लिखे ख़ासकर की कोई कविता और लोगों तक वो अहसास पहुँच जाये तो लिखना सार्थक होता है।

9-मुझे लिखने के अलावा पढ़ने का शौक़ है जैसा मैंने पहले आपको बताया,साथ ही मुझे फ़ोटोग्राफ़ी का भी शौक़ है अवकाश मिलने पर मैं सोलो ट्रिप पर अपने कैमरे के साथ निकल जाता हूँ।

मुझे गाना गाना भी पसंद है पर मैंने कोई ट्रेनिंग नहीं ली बचपन में मैं एक गायक ही बनना चाहता था।

10-मैं दो पुस्तकों पर काम कर रहा हूँ ये एक उपन्यास होगी सब कुछ तैयार है पर मुझे भी पता नहीं मैं इसे कब तक तैयार कर लूँगा। पर मैं facebook पर रोज़ाना लिखता रहता हूँ वहाँ मैं अच्छे पाठक और लेखक वर्ग से जुड़ा हुआ हूँ।

11-मुझे लगता है लेखक में अहसास पहले आते है उसे कठिन या सरल क्या कहूँ! फ़िल्म के कई गीतों में व्याकरण सही नहीं होता पर हमें वो गाने पसंद होते है और उन्हें कोई लिखता ही है।

मुझे तो लगता है आज हर किसी को लिखना चाहिए कभी एक जमना था जब लोग अपनी डायरी में लिखते थे और वो वही दब कर रह जाती थी।आज कम से कम लेखनी बाहर आ रही है देखिए कितने महिलायें लेखनी के क्षेत्र में आ रही है और कितना अच्छा कर रही है ।

तो अगर अहसास सच्चे है तो पाठकों तक आप पहुँच ही जायेंगे और अगर अच्छा पढ़ेंते रहेंगे तो जो कठिनाई है वो दूर हो जायेगी।

12-ये भी मेरे बचपन में हुआ जब मैं लिखने लगा और मेरे दोस्त या मेरे जानने वाले मुझे पढ़ने लगे तो वो लोग मुझसे कुछ कुछ इश्क़,प्यार की शायरी या कवितायें लिखवाने लगे और अपने प्यार को भेजा करते।

मैं भी बैठ कर उनकी प्यार की कहानियाँ सुनता था बस वही से अहसास पकड़ में आने लगे और शब्दों की माला सजने लगी ।

ये वही समय होगा जब मुझे लगता था की भाषा से ही अपने आपको प्रदर्शित किया जा सकता है ।

भाषा ही है जो दिल को जोड़ सकती है और भाषा ही है जो दिल टूटने के बाद आपको सम्हाल भी सकती है।

13-मैं ख़ुद को स्वतंत्र रखता हूँ किसी चीज़ में बँधना ना मुझे और ना ही मेरे कल्पनाओं को पसंद है।

पर कवितायें ज़्यादा लिखता हूँ और मेरी कवितायें ज़्यादा तर भावनात्मक और वास्तविकता से होती है।

14-मेरे साथ सबसे बड़ी परेशानी थी की पुस्तक में किन-किन कविताओं को जगह दूँ,क्यूँकि मैंने बहुत सी कवितायें लिखी थी पर मैं पुस्तक बोझिल भी नहीं करना चाहता था तो संकलित एक समस्या थी फिर साथ ही पुस्तक की एडिटिंग। जब आप ही कुछ लिखे हो तो आपको ग़लतियाँ नहीं दिखती पर कोई और पढ़ता है तो बताता है की ये ग़लत है या ये कमी है और मेरे पास इतना समय नहीं होता था की पुस्तक की एडिट पर काम कर सकू। इसमें मेरी एक मित्र ने मेरा काफ़ी सहयोग किया।

प्रकाशन के समय तो कोई दिक़्क़त नहीं थी। हमारे प्रकाशक अंज़ूमन प्रकाशन है और उनकी कई पुस्तक आयी है काफ़ी नए लेखकों को उन्होंने अच्छा प्लेटफोर्म दे दिया है तो उनका काफ़ी सहयोग था।

15-मैं blogging की दुनिया में २०१३ में आया था तब से मैं रोज़ ही कुछ लिख रहा हूँ मेरी blogs की कई series, मेरे पाठकों ने ख़ूब पढ़ी है और हर माध्यम से मुझ तक अपनी प्रतिक्रिया पहुँचायी है आज मैं जो कुछ भी हूँ अपने पाठकों की वजह से हूँ ।

मुझे social media पर इतना प्यार दिया है मेरी हर लेखनी को सम्मानऔर हमेशा मुझे प्रोत्साहित किया है ।मैं अच्छा लिखता रहूँ इसके लिए मेरे पाठक मुझे हमेशा मेरे साथ बने रहते है।

उनके सहयोग से ही मैं आपकी वेब द्वारा चलायी best 50 influence authors में जगह बना पाया।

अपने सभी पाठकों को मैं दिल से धन्यवाद कहता हूँ अपना प्यार और आशीर्वाद बनाये रखे।

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